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इंदौर बन रहा है देश की ‘कार्बन क्रेडिट कैपिटल’
– टाई एमपी के ग्रीन क्लाइमेट कॉन्क्लेव 2025 में देशभर के पर्यावरण और ग्रीन एनर्जी एक्सपर्ट्स ने ऊर्जा संरक्षण और स्थिरता को लेकर दिए सुझाव
इंदौर, जून 2025। इंदौर को शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारत की “कार्बन क्रेडिट कैपिटल” घोषित किया गया। यह ऐतिहासिक घोषणा ग्रीन क्लाइमेट कॉन्क्लेव 2025 के दौरान की गई, जिसका आयोजन TiE मध्यप्रदेश ने EKI एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड और AIC प्रेस्टिज के सहयोग से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन को Carbon Markets Association of India और केंद्र सरकार के Startup India प्रकोष्ठ का समर्थन प्राप्त था।
कार्यक्रम की शुरुआत TiE MP के प्रेसिडेंट श्री जय जैन द्वारा स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर को “कार्बन क्रेडिट कैपिटल” घोषित किया और इंदौर मॉडल, नेट ज़ीरो की दिशा में उठाए गए कदमों और प्रदेश की पर्यावरणीय नीतियों पर प्रकाश डाला।
श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हमें पर्यावरण से एक भावनात्मक जुड़ाव बनाना होगा, ठीक वैसे ही जैसे हम एक पेड़ को अपनी माँ के नाम पर लगाते हैं। जब यह जुड़ाव दिल से होगा, तभी स्थिरता और संरक्षण एक जन आंदोलन बन पाएंगे।”
सांसद श्री शंकर लालवानी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और पुरस्कार वितरित किए। टाई एमपी के सावन लड्ढा सहित 100 से ज्यादा आंत्रप्रेन्योर्स और एक्सपर्ट कार्यक्रम में मौजूद थे।
टाई एमपी के श्री सावन लड्ढा ने कहा, “ग्रीन क्लाइमेट कॉन्क्लेव के आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा नहीं, बल्कि जागरूकता, नवाचार और सहयोग के ज़रिए इंदौर और भारत को एक ग्रीन इकॉनमी मॉडल बनाना है। यह मंच नीति निर्माताओं, उद्योगों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाने का प्रयास है।”
विशेषज्ञ सत्रों में मिली नई दिशा:
दिनभर चले विभिन्न विशेषज्ञ सत्रों में पर्यावरणीय स्थिरता, कार्बन क्रेडिट, EPR क्रेडिट, हरित विनिर्माण, और ऑफसेट मैकेनिज्म जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
श्री मनीष डाबकारा (चेयरमैन व एमडी, EKI एनर्जी) ने अंतरराष्ट्रीय वॉलंटरी कार्बन मार्केट की चुनौतियों और अवसरों को साझा किया।
प्रशांत सालवान (IIM इंदौर) ने ऑफसेट मैकेनिज्म की व्याख्या की और बताया कि कैसे कंपनियां उत्सर्जन को संतुलित कर सकती हैं।
श्री पवन कुमार कुंडी ने ग्रीन क्रेडिट्स और वेस्ट मैनेजमेंट क्रेडिट्स की भूमिका पर विचार रखे।
श्री सिद्धांत गुप्ता ने आर्टिकल 6 और IREC के पहलुओं को समझाया।
डॉ. आभा ऋषि और डॉ. संजीव पाटनी ने स्टार्टअप्स के योगदान पर प्रकाश डाला।
श्री नीलेश त्रिवेदी ने एमएसएमई के लिए भारत सरकार की हरित विनिर्माण योजनाएं बताईं।
WOCE (World of Circular Economy) की ओर से सुश्री आकांक्षा एम और Go Wow के संस्थापक श्री मनीष पांडे ने अपने विचार और डिजिटल सॉल्यूशंस प्रस्तुत किए। ArcRobotics और Phot1E जैसे स्टार्टअप्स ने भी अपनी इनोवेटिव तकनीकों का प्रदर्शन किया।
कॉन्क्लेव के अंत में EKI एनर्जी और प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी के बीच एक महत्वपूर्ण MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। तत्पश्चात Carbon Markets Association of India (CMAI) द्वारा एक परिचयात्मक प्रस्तुति दी गई।
पर्यावरण नेतृत्व और नवाचार के लिए सम्मान:
कार्यक्रम में श्री शंकर लालवानी द्वारा निम्नलिखित पुरस्कार वितरित किए गए:
कार्बन स्टीवर्डशिप अवार्ड: श्री मनीष डाबकारा
वॉटर सस्टेनेबिलिटी अवार्ड: KEC इंटरनेशनल
ग्रीन एनर्जी अवार्ड: ACME और Quantum Renewables
सर्कुलर इकोनॉमी चैंपियन: Symbiotec Pharmalab Ltd.
CSR इंपैक्ट अवार्ड: Saxo Group India Pvt. Ltd.
इमर्जिंग ग्रीन इनोवेशन अवार्ड: ArcRobotics, WOCE और Phot1E


